उत्तराखंड के पूर्व मंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत ने हालिया विवादों पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। हर बार पति का मजबूती से साथ देने वाली दीप्ति रावत ने एक वीडियो जारी कर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो जारी किया और दुष्प्रचार पर कोर्ट जाने की धमकी दी।
दीप्ति रावत ने हाल के घटनाक्रम में एक अन्य महिला को मीडिया में ‘हरक सिंह की पत्नी’ बताए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि वह हरक सिंह रावत की पत्नी हैं और उन्हें अपनी पहचान साबित करने की जरूरत नहीं है। यदि कोई महिला खुद को उनकी पत्नी बता रही है, तो वह तथ्यों के साथ इसे साबित करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी की जमीन या संपत्ति नहीं हड़पी है।
मीडिया को बिना तथ्यों के भ्रामक खबरें न चलाने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बयानबाजी नहीं रुकी, तो वे न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगी। दीप्ति रावत के अनुसार, इस पूरे विवाद से उनका परिवार गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
जैनी प्रकरण में दबे सच सामने आने चाहिए : भट्ट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि जैनी प्रकरण का सच सभी के सामने आना चाहिए। एक महिला ने आरोप लगाए थे तो उनकी तथ्यात्मक बातों का जबाव सार्वजनिक होना जरूरी है। रविवार को मीडिया कर्मियों से बात करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह पूरा प्रकरण कांग्रेस के शासन काल में हुआ। इसलिए इस मामले में जो कुछ भी हुआ वह तथ्य सभी के सामने आने चाहिए। इधर डॉ. हरक सिंह रावत के संबंधियों पर लगे जमीन कब्जाने के आरोपों पर भट्ट ने कहा कि इस प्रकरण पर किसी ने शिकायत की और उसको अपनी बात रखने का अधिकार है।
अराजक तत्वों का जमावड़ा है दिल्ली रैली
भाजपा ने कांग्रेस की दिल्ली रैली को सिक्ख दंगों के जख्मों पर नमक छिड़कने, व्यापारियों का नुकसान पहुंचाने और अराजक मंशा वालों तत्वों का जमावड़ा बताया। भट्ट ने कहा कि रमजान पर विदेशों में युद्ध बंद कराने की वकालत वाले हिंदू त्यौहारों पर देश को आर्थिक चोट पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की रैली त्यौहारी सीजन में अराजकता फैलाने और अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा थी।










