आजम खां को जेल में धीमा जहर? मुख्तार की मौत से हुए सतर्क, नए दावों पर क्या बोले

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23 महीने बाद जेल से बाहर आए सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खां को लेकर पूर्व राज्यसभा सांसद शाहिद सिद्दीकी ने बड़ा दावा किया। रामपुर जेल से निकलने के दूसरे ही दिन आजम खां अपना इलाज कराने दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हो गए थे। अस्पताल में मुलाकात के बाद शाहिद ने दावा किया कि जेल में आजम खां को धीमा जहर दिया जा रहा था। यह भी दावा किया कि आजम खां जेल में अपना खाना खुद बनाने लगे थे। इसे लेकर आजम खां का भी बयान सोमवार को सामने आ गया। आजम ने माना कि मुख्तार अंसारी की जेल में मौत और धीमे जहर की खबरों से वह सतर्क जरूर हुए थे, लेकिन खुद खाना बनाना तो संभव ही नहीं था।

आजम खां सभी मामलों में जमानत मिलने पर 23 महीने बाद 23 सितंबर को जमानत पर सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। दो दिन रामपुर में रहने के बाद अपना इलाज कराने दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में भर्ती हो गए थे। यहां उनसे मिलने पूर्व राज्यसभा सांसद शाहिद सिद्दीकी भी पहुंचे। आजम से मुलाकात के बाद शाहिद सिद्दीकी ने दावा किया कि आजम खां को जेल में धीमा जहर दिया जा रहा था। आजम खां जेल में अपना खाना भी खुद बना कर खा रहे थे। शाहिद सिद्दीकी के दावों ने आजम खां के समर्थकों में सनसनी मचा दी थी।

इसी बीच सोमवार को अपना इलाज कराकर आजम खां रामपुर पहुंचे तो मीडिया से बातचीत में शाहिद के दावों पर भी बात रखी। आजम खां ने कहा कि शायद पूर्व सांसद के सुनने और समझने में कुछ गलती हुई है। मैंने अपने बारे में इस तरह नहीं कहा था। मैंने बताया था कि टीवी और अखबारों में मुख्तार अंसारी के इंतकाल की खबर आई और यह भी खबर चली कि मुख्तार अंसारी को धीमा जहर दिया गया। इसके बाद मैं सावधान हो गया था कि कहीं ऐसी कोई घटना मेरे साथ न हो जाए।

सेहत के सवाल पर आजम खां ने कहा कि पांच साल तक एक छोटी सी कोठरी में तन्हा बंद था, तो सेहत खराब होना लाजमी था। जेल में खुद खाना बनाने के सवाल पर कहा कि मैं खुद तो खाना बना ही नहीं सकता था। यह जरूर था कि बहुत कम खाना खाता था। दोपहर में एक रोटी लेता था तो उसे आधी उस समय खाता और आधी रात में खाता था। कई बार नींबू का ही अचार बना लेता था और उसे खा लेता था।

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