कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई रैली के बाद उसी स्थल पर कराए गए ‘शुद्धिकरण’ यज्ञ को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस ने इसे खरगे के दलित होने से जोड़ते हुए बुधवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उधर, भाजपा का कहना है कि ‘शुद्धिकरण’ यज्ञ से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। ये एक निजी संगठन का कार्यक्रम था और कांग्रेस इसे लेकर जबरन राजनीति कर रही है।
बता दें कि आठ अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था। इसके बाद दस अगस्त को स्थानीय धार्मिक संगठन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने सचिव राम अवस्थी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में हवन-पूजन कराया था। समिति के सदस्य गिरीश चंद्र पांडे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सभा के दौरान कुछ इस्लामिक नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं थीं।
कराया गया शुद्धि हवन यज्ञ
इसी के विरोध में मैदान की धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से शुद्धि हवन यज्ञ कराया गया था। उन्होंने बताया कि श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा नहीं है। रामलीला मैदान एक धार्मिक स्थल है, जिसका उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों में कतई नहीं होने चाहिए।
कांग्रेस ने लगाए बड़े आरोप
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यज्ञ का उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति द्वेष नहीं है। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर ‘शुद्धिकरण’ यज्ञ कराया गया। उन्होंने कहा है कि खरगे के साथ ऐसा करना पूरे अनुसूचित जाति समाज का अपमान है।











