यूपी विधानसभा चुनाव में सत्ता की चाबी मानी जा रही महिलाओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने बुधवार को कई घोषणाएं कीं। इसे लेकर सपा से ही विधायक बनीं और बगावत कर भाजपा में पदाधिकारी बन चुकीं विधायक पूजा पाल ने अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। पूजा पाल ने कहा कि महिलाएं सपा के जाल में नहीं फंसने वाली हैं। उन्होंने एक मौलाना के डिंपल यादव पर टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह अपनी पत्नी के अपमान का बदला नहीं ले सके तो यूपी की आम महिलाओं के सम्मान की रक्षा क्या करेंगे। महिलाएं उनके जाल में नहीं फंसने वाली हैं। इसी मामले को लेकर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी अखिलेश को निशाने पर लिया है।
पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव का महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बात करना हास्यास्पद है। समाजवादी सरकार में महिलाओं के साथ किस तरह का व्यवहार और छेड़खानी की घटनाएं होती थीं, सभी ने देखा है। आज चुनाव को लेकर जो महिला कार्ड खेला जा रहा है, वह काम नहीं आने वाला है। महिलाएं सपा के दौर को भूल नहीं पाई हैं।
रोली मिश्रा की घटना याद दिलाई
पूजा पाल ने कहा कि सपा प्रवक्ता रहीं रोली मिश्रा के साथ पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने जिस तरह का व्यवहार किया था, सभी ने देखा है। रोली ने तो अखिलेश यादव को भी अपना दर्द बताया लेकिन कुछ नहीं किया गया। जो अपनी प्रवक्ता के सम्मान के लिए कुछ नहीं कर सका, वह महिलाओं के सम्मान के लिए क्या कर सकता है।
गेस्ट हाउस कांड को लेकर भी निशाना
जब मौलाना ने डिंपल यादव पर भद्दा कमेंट किया, कई दिनों तक वह कमेंट चर्चा का विषय बना रहा लेकिन अखिलेश यादव ने कुछ नहीं किया। राजनीति के लिए जब अखिलेश अपनी पत्नी के अपमान का बदला नहीं ले सके तो यूपी की महिलाओं के लिए क्या करेंगे। पूजा पाल ने मायावती के साथ मुलायम सिंह यादव की सरकार में हुए गेस्ट हाउस कांड की भी याद दिलाते हुए कहा कि एक दलित मुख्यमंत्री के साथ समाजवादी पार्टी के गुंडों ने क्या किया, सभी ने देखा है। समाजवादी सरकार आती है तो महिलाओं-बच्चियों के साथ क्या होता है, सभी महिलाएं जानती हैं। चुनाव के लिए सपा कितना भी बरगलाए लेकिन महिलाएं इनके जाल में इस बार फंसने वाली नहीं हैं।
सपा के मुंह से महिला सुरक्षा-सम्मान की बात छलावा : केशव
वहीं, यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिलाओं के लिए योजनाओं का वादा करने पर सपा पर तीखा हमला किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि सपा के मुंह से महिला सुरक्षा और सम्मान की बात महज छलावा है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यूपी ने 2012-17 के दरम्यान सपा की गुंडागर्दी, अपराध, माफिया, दंगाइयों और भ्रष्टाचारियों के संरक्षण वाली राजनीति न केवल देखी है, बल्कि काफी हद तक सही भी है।
कहा कि यह कतई साफ है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव को 2027 से 2047 तक यूपी की सत्ता और उनके दिल्ली वाले गार्जियन कांग्रेस के जेन-जी नेता राहुल गांधी को 2049 तक देश की सत्ता मिलने वाली नहीं है। दोनों भविष्य के नाम पर फर्जी वादे बेच रहे हैं। सपा के पीडीए यानी, ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ की हकीकत यूपी की महिलाएं बेहतर तरीके से समझती हैं और वे सपा की चाल, जाल और झांसे में नहीं आएंगी।
सपा को हार की हैट्रिक लगवाने को तैयार जनताः पंकज चौधरी
वहीं, यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि अपने पुराने पाप ढंकने के लिए सपा अध्यक्ष ने नई घोषणाओं का मुखौटा बनाया है। जिस सपा के शासनकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश बदनाम था, महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते थे, अपराध और अराजकता की खबरें सुर्खियां बनती थीं, सत्ता का संरक्षण और परिवारवाद राजनीति की पहचान बन चुका था, वही सपा आज विकास, महिला सम्मान और सुरक्षा की बातें कर रही है।
पंकज चौधरी ने सवाल किया कि जब सत्ता आपके हाथ में थी तब नारी सम्मान की याद क्यों नहीं आई? तब हर तहसील में कॉलेज, हर जिले में बेहतर अस्पताल और महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था क्यों नहीं बनाई? यह वही सपा है जिसकी राजनीति में ‘प्रदेश से पहले परिवार’, ‘सुशासन से पहले गुंडाराज’ आता है। अब वही पार्टी महिलाओं को लैपटॉप, मोबाइल और आर्थिक सहायता देने के सपने दिखा रही है।
कहा कि सपा अध्यक्ष भूल चुके हैं कि उत्तर प्रदेश की जनता अब ‘खोखली घोषणाओं और चुनावी लॉलीपॉप’ से बहकने वाली नहीं है। सपा द्वारा अतीत में की गई वादाखिलाफ़ी और पाप को जनता अब तक नहीं भूली है और सत्ताइस में सपा को ‘हार की हैट्रिक’ लगवाने के लिए तैयार है।











