जिम संचालक और बालाजी कॉलेज ऑफ लॉ में क्लर्क पद पर तैनात देवदत्त शर्मा ने शनिवार देर रात आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में रविवार को सनसनीखेज मामला सामने आया। बॉडी बिल्डर देवदत्त ने आत्महत्या से पहले अपनी भांजी को व्हाट्सएप पर टाइप किया हुआ एक संदेश भेजा था। संदेश में देवदत्त ने अपनी अंतिम इच्छाएं लिखीं और कहा कि उनके निधन के बाद पत्नी सीमा को न तो उनका शव दिखाया जाए और न ही पार्थिव शरीर के पास आने दिया जाए। पुलिस इस संदेश को जांच का हिस्सा मानकर पड़ताल कर रही है।
यूपी के सहारनपुर जिले के गांव सलेमपुर निवासी देवदत्त शर्मा के कथित सुसाइड संदेश में उन्होंने यह भी लिखा कि उनके निधन के बाद किसी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान, कर्मकांड या अन्य धार्मिक कार्यों पर धन खर्च न किया जाए। उन्होंने अंतिम संस्कार और उसके बाद होने वाले किसी भी कार्यक्रम में पत्नी सीमा रानी को शामिल नहीं किए जाने की इच्छा जताई। संदेश में दाह संस्कार केवल लकड़ी से करने तथा गोबर के उपलों का प्रयोग न करने की बात लिखी गई है। इसके अलावा उन्होंने अपनी आत्मा के संबंध में किसी धार्मिक कर्मकांड से परहेज करने की इच्छा जताते हुए लिखा कि वह चाहते हैं कि उनकी आत्मा अनंत काल तक भटकती रहे। संदेश के अंत में उन्होंने जिन लोगों को यह व्हाट्सएप भेजा, उनसे अपनी अंतिम इच्छाओं का सम्मान करते हुए उन्हें पूरा कराने की मार्मिक अपील भी की।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
देवदत्त शर्मा का रविवार दोपहर बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके छोटे पुत्र द्वारा मुखाग्नि दिए जाने के दौरान श्मशान पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को उनका शव पैतृक आवास लाया गया। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में गांव के श्मशान पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।









